Tuesday, May 24, 2011

मेरे लिये बदलना कितना जरूरी है.

मेरे लिये बदलना कितना जरूरी है. आसपास के लोगों के हिसाब से खुद को प्रतियोगिता में कायम रखने के लिए मैं कितना बदलूं. बदलाव एक सहज प्रक्रिया है, जो बदलता है, वो टिकता है. लेकिन जो नहीं बदलता, वो नहीं टिकता, समाज, देश और व्यक्ति बस बिखर जाता है. बदलने के लिए जो नजरिया चाहिए, वो हमें कभी कोई उधार नहीं देता. यहां तक कि मैं भी पहले खुद को बदलने से इनकार करता रहता था. क्यों बदलूं? पहला प्रश्न यही रहता था. क्योंकि बदलने से पहले अपने इगो को मारना पड़ता था. अपने अंतरमन में मौजूद झूठे स्वाभिमान को कुचल कर आगे बढ़ना पड़ता था. लेकिन बदलाव के लिए कोशिश में एक मजा भी है. वो मजा किसी नशे से कम नहीं है. कहावत भी है,

आप बदलो, जग बदलेगा. मुझे खुद से ज्यादा ये महसूस होता है कि समाज और समाज का एक बड़ा तबका बदलने से इनकार करता रहा है. वो बदलने को तैयार नहीं हो रहा. अगर किसी के परिवार की कोई लड़की, किसी और के साथ जाने को तैयार है, तो वो पिता या भाई को स्वीकार नहीं होता. समाज में इज्जत को लेकर सौ सवाल दागे जाते हैं. परिणाम, हत्या या कोई ऐसी घटना के रूप में सामने आता है, जिससे हम दहल जाते हैं. हमें अपनी अंतरात्मा के भीतर झांकना पड़ता है.

आफिस में भी काम करते वक्त व्यवहार, शैली और आदतों को लेकर लगातार बदलाव की प्रक्रिया चलती रहती है. इन सब चीजों में जरूरी ये है कि बदलाव बेहतरी के लिए हो. इस बदलाव से हमारा जीवन बेहतर बनें. बगल का पाकिस्तान भी तो बदल रहा है. लेकिन वहां का बदलाव डराता है. वहीं हमारा पड़ोसी राज्य बिहार का बदलाव उम्मीदें जगाता है. तहलका मैगजीन में यंग आईएएस प्रत्यय की अनोखी कार्यशैली के बारे में पढ़ा कि कैसे उन्होंने बिहार पुल निगम को लाभकारी निगम में बदल दिया. आज निगम किसी कारपोरेट संस्था से मुकाबला करता दिखता है. यानी बदलाव हुआ, तो दूसरे लोगों को भी उस बदलाव से फायदा पहुंचा. ज्यादा दिन नहीं हुए एक किताब पढ़ी हू मूव माइ चीज. इस किताब में भी बदलाव को लेकर बातें कहीं गयी हैं. हम बदलाव से तभी तक डरते हैं, जब तक कदम नहीं बढ़ाते. जिस दिन बदलाव के लिए कदम बढ़ा देंगे, उसी दिन से हमारी कमजोरी हमारी असली ताकत बन जाएगी. हम बेहतर हो जाएंगे.


. "It is not the strongest of the species that survive, nor the most intelligent, but the one most responsive to change." - Charles Darwin
 
"Everyone thinks of changing the world, but no one thinks of changing himself." - Leo Tolstoy
"The world as we have created it is a process of our thinking. It cannot be changed without changing our thinking." - Albert Einstein

 "When people are ready to, they change. They never do it before then, and sometimes they die before they get around to it. You can't make them change if they don't want to, just like when they do want to, you can't stop them." - Andy Warhol
 "Be the change you want to see in the world." - Mahatma Gandhi

 "Things do not change; we change." - Henry David Thoreau


1 comment:

प्रवीण पाण्डेय said...

बदलना ही स्वभाव है, वह न बदले।

यहां आइये,तो टिपियाइये, सिर्फ नकारात्मक शब्दों से बचें और सब मंजूर है। बहस को आगे बढ़ाये। सकारात्मक संवाद को बढ़ाने की दिशा में आपका सहयोग चाहिए। आप देंगे न!!

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